Posts

नाभि पर अलग-अलग प्रकार के तेल लगाने के फायदे।

नाभि पर अलग-अलग प्रकार के तेल लगाने के फायदे। सरसों का तेल ज्यादातर लोग हर काम के लिए सरसों का तेल इस्तेमाल होता है. अगर आप नाभि में सरसों का तेल लगाते हो, तो इससे आप नाभि में डाल सकते है. इससे आपके शरीर में काफी फायदा होता है. नारियल तेल आंखों में सूखापन, कमजोरी या बालों के रूखेपन से परेशान हैं तो रोजाना सोने से पहले नारियल तेल की 3 से 7 बूंदें नाभि में डालें और इसे नाभि के आसपास के हिस्से पर गोलाई में फैलाएं. इससे आपको फायदा होगा. अरंडी का तेल आप अपने नाभि में अरंडी का तेल रोजाना सोने से पहले नाभि में 3 से 7 बूंदें डालें. हल्के हाथ से मसाज करें और जोडों का दर्द दूर होगा. शरीर में लचक भी बरकरार रहती है. नीम का तेल अधिकतर लोग चेहरे पर बार-बार पिंपल्स होने की समस्या से परेशान रहते है. पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए रोजाना नीम के तेल की 3-7 बूंदें नाभि में डालें. बादाम का तेल चेहरे पर ग्लो नहीं है तो रोजाना सोने से पहले नाभि पर बादाम का तेल लगाएं. इससे स्किन में ग्लोइंग होगा और सॉफ्ट होगी. इतना ही नहीं इस तेल में विटामिन ई की काफी मात्रा होती है. नींबू का तेल आपके चेहरे पर बहुत ज्यादा दा...

शहद में डुबा हुआ लहसुन

  शहद में डुबा हुआ लहसुन खाली पेट खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी माना गया है। आओ जानते हैं:— शहद में डुबे हुए लहसुन की 2-3 कलियों को सर्दियों के दिनों में खाली पेट खाने से शारीरिक कमजोरी हमेशा के लिए ठीक हो जाती है और बड़ी हुई चर्बी भी कम होती है। यह सेक्सुअल लाइफ को प्रभावित करता है और सकारात्मक असर दिखाता है। इसका सेवन करने से असमय ही बुढ़ापे का शिकार होने से बचा जा सकता है। बुढ़ापे का अर्थ है कि धमनियों को सिकुड़ कर रोग-ग्रसत हो जाना। यह धमनियों को सिकुड़ने से बचाता है और जमे हुए कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकाल पुनः ठीक कर देता है। शहद में डूबे हुए लहसुन में भरपूर मात्रा में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिसके सेवन करने से शरीर में गर्मी आती हैं। जिससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से निजात पाई जा सकती है और साइनस की समस्या भी काफी कम हो जाती है। शहद में डुबे लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है जिससे गले में खराश और सूजन से राहत मिलती है। अस्‍थमा रोगियों के लिए तो लहसुन और शहद किसी वरदान से कम नहीं है। शहद में डूबा हुआ लहसुन हार्ट से सम्बंधित लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी माना गया है। ...

कान के मैल को साफ करने के लिए

  कान के मैल को साफ करने के लिए आप रात में सोने से पहले ड्रॉपर की मदद से एक या दो बूंद तेल वाली चक्की से खरीदा हुआ  शुद्ध सरसों का तेल  कान में डाल दें। ऐसा करने पर कान की मैल सुबह तक बिल्कुल मुलायम होकर अपने आप कान के छोर पर आ जाएगी। फिर आप उसे किसी कपड़े की मदद से बाहर निकाल लें। कान की मैल निकालने के लिए सरसों तेल का इस्तेमाल काफी पुराने समय से किया जा रहा है और इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं है इसलिए एक बार इसका इस्तेमाल जरूर करें।

ગળો | Giloi

 ગળો - જેના સેવનથી અમૃતત્વ, અમરત્વ, રોગરહિતપણું પ્રાપ્ત થાય છે તેવી અમૃતા. લીમડાના વૃક્ષ ઉપર ચડેલી ગળો, અમૃત સમાન છે. ગળો સ્વાદમાં તીખી, કડવી છે, પચવામાં મીઠી છે, બધી જ ધાતુઓ વધારનાર છે, ગુણમાં ગરમ છે, હલકી છે, ભૂખ લગાડનાર, બળ આપનાર, ત્રણેય દોષ દૂર કરનાર, આમદોષ, તરસ, બળતરા, પ્રમેહ, ઉધરસ, પાંડુ, કમળો તમામ ચામડીના રોગો, તાવ, ગાંઠિયો વા, કરમિયા, ઊલટી, શ્વાસ રોગો, મસા, પેશાબની અટકાયત તથા હૃદયરોગને મરડાને મટાડનાર છે. યાદશક્તિ વધારનાર અને રોગપ્રતિકારક શક્તિ વધારવામાં ગળો ઉત્તમ છે. --------------------------------------------- Giloi - जिसमें से अमरता, अमरता, प्राप्त होती है ऐसा अमृत। नीम के पेड़ के ऊपर का गला अमृत के समान है। गले का स्वाद मसालेदार, कड़वा, पचने में मीठा, सभी धातु वर्धक, गुण में गर्म, हल्का, स्वादिष्ट, स्फूर्तिदायक, तीनों अपराधबोध हटानेवाला, त्वचाशोथ, प्यास, सूजन, सूजाक, खांसी, पीलिया, पीलिया, सभी त्वचा रोग, बुखार, नोड्यूल्स, दस्त, उल्टी, श्वसन रोग, बवासीर, मूत्र प्रतिधारण और दिल की बीमारी को ठीक करता है। याददाश्त बढ़ाने वाला और रोग निरोधक गला ताकत बढ़ाने में उत्कृष्...

मेथी का पानी के फायदे | Benefits of fenugreek water

 मेथी का पानी के फायदे मेथी पानी इम्यून पावर बढ़ाता है. मेथी पानी पीना शरीर के अंदर गर्माहट पैदा करता है. यह सर्दी , जुकाम और कफ से परेशान लोगों के लिए बहुत कारगर है. -------------------- Benefits of fenugreek water Fenugreek water immune power Increases Fenugreek water Produces. This cold, cold and A lot for people suffering from phlegm Is effective.

तेज सिरदर्द | Severe headache

 तेज सिरदर्द - सेब को छील कर. डर . बारीक काटें।  उसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर सुबह खाली पेट खाएं | ------------------- Severe headache - Peel the apple. Fear. Finely chop. A little salt in it Including Eat on an empty stomach in the morning.

Face त्वचा की रंगत में निखार

  नियमित रूप से ग्लिसरीन को त्वचा पर लगाने से त्वचा की रंगत में निखार आता है और त्वचा के रोगों से भी छुटकारा मिलता है। नीबू का रस, गुलाब जल और ग्लिसरीन को बराबर मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण से पूरे चेहरे की मालिश करें। इसे रात भर चेहरे पर लगा रहने दें और सुबह गुनगुने पानी से चेहरे को साफ कर लें। ग्लिसरीन सभी प्रकार की स्‍किन को सूट करता है क्‍योंकि यह त्वचा पर बेहद कोमल बना देता है। यह आपकी त्वचा को अत्यधिक सीबम उत्पादन करने से रोकता है, जिससे मुंहासे और एक्‍ने नहीं होते। चेहरे पर इसे यूज करने के लिए 1 चम्‍मच ग्लिसरीन और दो चम्‍मच गुलाब जल लें और इसे स्किन टोनर के रूप में उपयोग करें।

चित्रक - Plumbago zeylanica

Image
चित्रक - Plumbago zeylanica भारत के सभी पर्वतो में, इसके पौधे तीन से छह फीट लंबे होते हैं और नहीं इसकी गोल शाखाएँ हैं, कई शाखाएँ, पत्तियों के चौराहे पर अण्डाकार और मानगरा की तरह जड़ की छाल तीखी होती है, हरे फूलों के झुंड में एक दूसरे से चिपक जाती है केवल निविदा पत्तेदार सब्जी की ताजा छाल को खाया जाता है और दवा में उपयोग किया जाता है जो रतलाम की ओर अच्छा है। चित्रक को पचाना आसान है, मल को खोदना , खाना पचता है, बवासीर, पेट फूलना, कफ, सूजन के साथ-साथ कीड़े को नष्ट करता है। चित्रकमुल की छाल का आधा चम्मच थोड़े से पानी में डालें और साफ़ करें मिट्टी के बर्तन में रखें और हर दोपहर उस बर्तन में छाछ डालें कर पीने से बवासीर ठीक हो जाता है।  (इस प्रयोग को लंबे समय तक करें) गोमूत्र के साथ छाया में सूखे छाल का एक चम्मच लेने से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है। वजन घटाने के लिए प्रतिदिन एक से दो ग्राम चूर्ण शहद के साथ चटना।